एन.एल.पी. कोच सर्टिफिकेशन कोर्स

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एन.एल.पी. कोच सर्टिफिकेशन कोर्स

पिछले कुछ सालों में लाइफ कोचिंग के बिजनेस में काफ़ी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है । लोग उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को सुलझाने के लिए, व्यवसायिक जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए, तथा उज्ज्वल भविष्य निर्माण के लिए, सर्टिफाइड लाइफ कोचेस् की मदद लेने लगे हैं । कई सारी संस्थाओं ने भी अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एवं कामकाजी जीवन को उत्पादक एवं खुशहाल बनाने के लिए, व्यक्तिगत तथा टीम कोचिंग की सुविधा देना आरंभ किया है ।

 

 

लाइफ कोचिंग की मदद से असल में हम क्लाइंट के सीखने की और जिंदगी को बेहतर बनाने की क्षमता को ज्यादा ताकतवर करने का प्रयास करते हैं । जिससे क्लाइंट की परिवर्तन के प्रति की समझ गहन हो, उसके बर्ताव में सकारात्मक परिवर्तन आए और उसकी आत्म अवधारणा (self image) शक्तिशाली बने । लाइफ कोचिंग के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम एन.एल.पी. के अलग-अलग टूल्स् और तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, जिसे ‘एन.एल.पी. कोचिंग’ कहा जाता है । संक्षेप में एन.एल.पी. कोचिंग में लाइफ कोचिंग के तकनीकों का एन.एल.पी. के टूल्स् के साथ मिश्रण किया जाता है, जिससे क्लाइंट को तात्कालिक समस्या से निजाद दिलाने के लिए ठोस मदद की जा सकती है, अल्पावधी में हम अपेक्षित परिणाम लाये जा सकते हैं तथा दीर्घकालिक परिवर्तन की नींव रखी जा सकती है ।

यहाँ पर हमें कुछ महत्वपूर्ण बातों पर गौर करना होगा जिससे आपको लाइफ कोचिंग के फॉर्मेटस् तथा एन.एल.पी. टूल्स् को एकसाथ इस्तेमाल करना क्यों जरूरी होता है यह समझ में आ जाए ।

  1. लाइफ कोचिंग हमें कई सारे फॉर्मेटस् तथा टूल्स् प्रदान करता है, जिनके साथ हम क्लाइंट को उसके जीवन में परिवर्तन लाने के लिए मदद कर सकते हैं । लाइफ कोचिंग के कई सारे फॉर्मेटस् बेहद ताकतवर और परिणाम उन्मुख होते हैं, किंतु कठिनाई तब आती है, जब हमें क्लाइंट के इंटरनल रिप्रेजेंटेशन को बदलते हुए कुछ बाहरी परिणाम लाने होते हैं । (जब भी हम किसी घटना को देखते हैं, तब उसका एक इंटरनल रिप्रेजेंटेशन हमारे दिमाग में खड़ा होता हैं । समस्या तब आती है जब किसी घटना का गलत या नकारात्मक इंटरनल रिप्रेजेंटेशन हमारे दिमाग में निर्मित होता है ।) अगर क्लाइंट किसी समस्या से जूझ रहा है, तो हमें उस समस्या के संबंध में उसके इंटरनल रिप्रेजेंटेशन को बदलना जरुरी होता है । इसके लिए एन.एल.पी. हमें सब-मोडेलिटीज् के रूप में एक ताकतवर टूल प्रदान करता है । इस टूल को जब हम लाइफ कोचिंग में इस्तेमाल करते हैं, तो क्लाइंट की समस्याओं को सुलझाना, बेहद आसान हो जाता है ।
  2. लाइफ कोचिंग के टूल्स् के जरिए सकारात्मक भावनाओं को अनुभव करने तथा उन सकारात्मक भावनाओं को जीवन में स्थिर करने के संबंध में हम क्लाइंट के साथ मिलकर एक योजना बना सकते हैं । कठिनाई तब आती है, जब हमें उन सकारात्मक भावनाओं को क्लाइंट के दिमाग में प्रोग्राम करना होता है । इन सकारात्मक भावनाओं की प्रोग्रामिंग के लिए एन.एल.पी. हमें एक बेहदरीन और ताकतवर टूल देता है, जिसे एंकरिंग कहा जाता है । एंकरिंग के जरिए हम क्लाइंट की कई सारी सकारात्मक भावनाएँ जैसे कि आत्मविश्वास, उत्साह, आनंद, रचनात्मकता, इत्यादि को इस तरह से दिमाग में प्रोग्राम कर सकते हैं, जिससे क्लाइंट जब जरूरत हो तब कुछ ही पलों में इन सकारात्मक भावनाओं का अनुभव कर सकें । लाइफ कोचिंग में जब एंकरिंग का इस्तेमाल होता है, तब लाइफ कोचिंग के परिणाम कई गुना ज्यादा बेहतर होते हैं ।
  3. लाइफ कोचिंग में कोच का सबसे बड़ा हथियार उसके सवाल होते हैं । अगर सही समय पर सही सवाल पूछा जाता है, तो क्लाइंट की समस्याओं को समझना और उन्हें सुलझाना, सरल हो जाता है । बतौर कोच आप सही वक्त पर सही सवाल पूछ सके, इसलिए लाइफ कोचिंग में सवालों के अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार फॉर्मेटस् दिए जाते हैं । इससे लाइफ कोचिंग में यह अपेक्षित होता है कि इन सवालों का अभ्यास करने के बाद आप सही सवाल पूछने में समर्थ हो जाएँगे । किंतु समस्या तब आती है जब कोच सही वक्त पर सही सवाल नहीं पूछ पाता है और सिर्फ एक गलत सवाल लाइफ कोचिंग के पूरे सेशन को खराब कर देता है । कोच की तरफ से एक कमजोर सवाल और क्लाइंट अगले आधे घंटे तक व्यर्थ की कहानियाँ सुनाने लगता है । कोच को इस ट्रैप में फसने से बचाने के लिए एन.एल.पी. हमें एक बेहद ताकतवर टूल प्रदान करता है, जिसे मेटा मॉडल कहा जाता है । मेटा मॉडल आपको रेडीमेड सवाल नहीं देता है, आपको सवाल बनाना सिखाता है, जिससे आप पूरे ध्यान से क्लाइंट को सुनते हुए, जहाँ जरूरी है वहाँ पर सही सवाल पूछ सकें । यह टूल इतना कारगर है कि कई बार आपकी तरफ से सिर्फ कुछ सवाल और समस्या का समाधान हो जाता है ।
  4. लाइफ कोचिंग के टूल्स् और तकनीकों की मदद से हम क्लाइंट को उसका उज्ज्वल भविष्य निर्माण करने के लिए, उसकी सक्रीय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए, एक कारगर योजना बनाकर दे सकते हैं । यह योजना इतनी सटीक और ताकतवर हो सकती है, जिससे सही मायने में क्लाइंट की जिंदगी को एक नई दिशा मिले, उसके सपने साकार हो सके और आत्मविश्वास के साथ वह स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करे । किंतु समस्या तब आती है जब क्लाइंट के पास एक बेहदरीन योजना तो होती है, पर अपेक्षित उज्ज्वल भविष्य की प्रोग्रामिंग उसके दिमाग में ना के बराबर होती है । जिसके चलते क्लाइंट दो-चार दिन उस योजना पर काम करता है और बाद में उसे छोड़ देता है । क्लाइंट के साथ काम करते वक्त उसके स्वर्णिम भविष्य की दिमागी तौर पर प्रोग्रामिंग करने के लिए हम एन.एल.पी. के कई सारे टूल्स् इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि सब-मोडेलिटी, मिल्टन मॉडल, टाइमलाइन, इत्यादि ।

इसके अलावा एन.एल.पी. के कई सारे ऐसे टूल्स् हैं, जिन्हें आप लाइफ कोचिंग के टूल्स् के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं । जैसे कि...

अंतर्मन के तल पर घनिष्टता निर्मित करना (Rapport Building)
समस्या के पीछे छिपा हुआ पैटर्न ढूंढना (Identify Pattern)
भाषा के इस्तेमाल के प्रति सजग होना (Identify Linguistic Usage)
अंतर्मन के तल पर संवाद करना (Milton Model)
विचारों की फ्रेम को रिफ्रेम करना (Re-framing)
धारणा को बदलना (Belief Change Framework)
इस तरह से एन.एल.पी. के अलग-अलग टूल्स् लाइफ कोचिंग के फॉर्मेटस् में इस्तेमाल हो सकते हैं ।

अब यहाँ पर हम एक सबसे महत्वपूर्ण बात याद रखेंगे, एन.एल.पी. कोचिंग की यह विधी, लाइफ कोचिंग के एक कदम आगे जाती है, जैसे कि...

लाइफ कोचिंग में क्लाइंट के बर्ताव को रूपांतरित करने की कोशिश की जाती है । साथ ही साथ क्लाइंट नए कौशल सीखें, इस बात पर जोर दिया जाता है ।

एन.एल.पी. कोचिंग में बर्ताव को रूपांतरित करना, नए कौशल सीखना, इसके अलावा जीवन संबंधित उसकी मूलभूत धारणाओं को बदलना और उसकी आत्मा छवि में सुधार लाना, इस पर फोकस होता है ।

लाइफ कोचिंग में कई बार क्लाइंट के बाहरी बर्ताव के ऊपर ज्यादा ध्यान दिया जाता है एवं उस बर्ताव को मद्देनजर रखते हुए अलग-अलग फॉर्मेटस् और टूल्स् इस्तेमाल किये जाते हैं ।

एन.एल.पी. कोचिंग में हम क्लाइंट के बाहरी बर्ताव के ऊपर ध्यान रखने के साथ-साथ उसके इंटरनल रिप्रेजेंटेशन के ऊपर भी ध्यान देते हैं । असल में क्लाइंट का बर्ताव किस वजह से निर्मित हो रहा है, क्लाइंट उसके दिमाग में ऐसा क्या कर रहा है, जिसका परिणाम क्लाइंट का यह नकारात्मक बर्ताव है, यह ढूंढने की कोशिश एन.एल.पी. कोचिंग में होती है । यानी हम क्लाइंट की दिमागी प्रक्रियाओं के ऊपर ज्यादा गौर करते हैं ।

लाइफ कोचिंग में कई बार ‘क्लाइंट की समस्या और उसका समाधान’ इस छोटे से दायरे में काम किया जाता है और इसे हम लीनियर चेंज कह सकते हैं । यानी लाइफ कोचिंग में हम एक सीधी दिशा में सोचते हैं ।

एन.एल.पी. कोचिंग में ‘समस्या और समाधान’ इसके ऊपर गौर करने के साथ-साथ हम पूरे सिस्टम के ऊपर ध्यान देते हैं । यहाँ पर हमारा दृष्टिकोण सर्व समावेशी होता है । हम यह भी ढूंढने की कोशिश करते हैं, कि इस समस्या को सुलझाने से कहीं दूसरी समस्या तो निर्मित नहीं हो रही है, या इस समस्या को सुलझाने से जुड़े कोई नकारात्मक पहलू तो नहीं है? साथ ही साथ कुछ ऐसी बातों पर भी गौर किया जाता है, जिस से भविष्य में यह समस्या फिर से निर्मित ना हो । यानी एन.एल.पी. कोचिंग में हम सिस्टमिक चेंज के ऊपर काम करते हैं ।

संक्षेप में, एन.एल.पी. कोचिंग में हम लाइफ कोचिंग के फॉर्मेटस् और टूल्स् इस्तेमाल करते हैं तथा उनके साथ-साथ एन.एल.पी. का इस्तेमाल करते हुए लाइफ कोचिंग को एक कदम आगे ले जाते हैं ।

अंत में, क्या आप कल्पना कर सकते हैं, जब लाइफ कोचिंग के ताकतवर फॉर्मेटस् के साथ आप एन.एल.पी. के जादुई टूल्स् का इस्तेमाल करते हुए एन.एल.पी. कोचिंग करेंगे, तब क्लाइंटस् का जीवन परिवर्तन करते हुए उनकी मदद करना कितना आसान हो जाएगा । आपके हाथ में एन.एल.पी. कोचिंग का ताकतवर टूल होगा, जिससे आप समस्याओं को सुलझा पाएँगे, नकारात्मक भावनाओं को नियंत्रित कर पाएँगे और सकारात्मक तथा ताकतवर भावनाओं के साथ भविष्य निर्माण के कार्य में जुड़ जाएँगे ।

मैं आशा करता हूँ कि एन.एल.पी. कोचिंग का यह ट्रेनिंग आपकी जिंदगी को एक नई दिशा देगा और मानवी दिमाग के संबंध में कुछ अनजान रहस्यों को आपके सामने उजागर करेगा ।

(अगर आप एन.एल.पी. प्रॅक्टिशनर कोर्स में एनरोल करते हैं, तो आइ.बी.एच.एन.एल.पी. की ओर से एन.एल.पी. प्रॅक्टिशनर सर्टिफिकेशन के साथ-साथ आपको हिप्नोसिस प्रॅक्टिशनर + एन.एल.पी. कोच + लाइफ कोच का ट्रेनिंग तथा सर्टिफिकेशन नि:शुल्क मिलेगा ।)

 

01. एन.एल.पी. ट्रेनिंग दिल्ली 25th July to 31st July 2024 in Delhi (Preparatory Course Registrations from 20th April 2024)
02. एन.एल.पी. ट्रेनिंग  पुणे -  25th  August to 31st  August  2023 in Pune (Preparatory Course Registrations from 20th May 2024)
03. एन.एल.पी. ट्रेनिंग मुंबई -   02nd October  to 08th October  2024 in Mumbai (Preparatory Course Registrations from 05th June 2024)
04. एन.एल.पी. ट्रेनिंग अहमदाबाद15th November  to 21st November  2024 in Ahmedabad (Preparatory Course Registrations from 15th July 2024)
05. एन.एल.पी. ट्रेनिंग बँगलोर –  01st December to 08th December 2024 in Bangalore (Preparatory Course Registrations from 01st August  2024)

 

कृपया अधिक जानकारी हेतू हमें संपर्क करें - +919834878870 या हमें satish@ibhnlp.com इस मेल आई डी पर मेल भेजें ।