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एन.एल.पी. - जीवन रूपांतरण की किमया

Personality Development through NLP

जितने के लिए आपके पास एक मजबुत इरादा होना चाहिए । - मिल्खा सिंग

कुछ सालों पहले मैंने मिल्खा सिंग का एक इंटरव्यू  देखा था । उसके कुछ अंश आपके साथ शेअर करना चाहूँगा ।

इंटरव्यूअर - रनिंग जैसे खेल में आप का आर्मी से नॅशनल और नॅशनल से इंटरनॅशनल तक का सफर कैसे हुआ?

मिल्खा सिंग - पहले मैं अपने सेंटर के अंदर फर्स्ट आया, फिर ब्रिगेड की गेमस् होती हैं, उसमें मैं फर्स्ट आया, फिर सर्विसेस् की स्पर्धाएँ होती हैं, जिनमें आर्मी, एअरफोर्स और नेव्ही, सब पार्टीसीपेट करते हैं, तो उसमें भी मैं फर्स्ट आया । फिर मेरा सिलेक्शन हुआ नॅशनल गेम्स के लिए, तो नॅशनल गेम में चला गया, नॅशनल गेम में बहुत पसीना बहाया और वहाँ पर मैं चौथे नंबर पर आया । तो वहाँ पर मेरा परफॉरमन्स् देखने के बाद में कॅम्प के लिए सिलेक्ट हुआ । तो वहाँ पर मैं बहुत हार्ड प्रॅक्टीस करता था, मेरी प्रॅक्टीस देखकर मेंरे साथी खिलाड़ी कोच को कहते थे कि यह लड़का इतनी हार्ड प्रॅक्टीस से मर जाएगा, हम से इतनी प्रॅक्टीस नहीं होगी । तो कोच मुझे कहता था कि आप चॅम्पीयन बनोगे और ये पीछे रह जाएँगे ।

इंटरव्यूअर- लेकिन सर आप इतना ट्रेनिंग कैसे करते थे?

मिल्खा सिंग - उस वक्त मैं मेंलबर्न में सिलेक्ट हुआ था, वहाँ पर एक लड़का चार सौ मीटर की रेस में फर्स्ट आया था, मैं तो पहले ही राउंड में बाहर हो गया था, तो जब मैं बाहर हुआ तो उस वक्त मैंने धरती मां की कसम खाई । जब मैं इंडिया पहुँचा तब, जब तक कि मैं वर्ल्ड का रिकॉर्ड नहीं तोड़ लेता, तब तक मैं आराम से नहीं बैठूँगा । मैं इतनी प्रॅक्टीस करता था कि लगभग एक बकेट पसीना मेंरे शरीर से निकलता था, कितनी बार खुन की उल्टियाँ होती थीं, कभी कभी तो पेशाब के जरिये खुन निकलता था, लेकिन इरादा मजबुत था कि चाहे मैं मर जाऊँ, पर अपना सपना पूरा होने के बाद ही रूकूंगा । बहुत तकलीफ होती थी पर मेरा इरादा मजबुत था, मैं यह करके छोडूंगा चाहे कुछ भी हो जाए ।

अब सवाल यह है कि यह मजबुत इरादा क्या है? आप किस बात को मजबुत इरादा कहेंगे जिससे कामयाबी मिलती है? क्या हम यह मजबुत इरादा सिख सकते हैं? जिंदगी में कामयाबी हासील करने के लिए मजबुत इरादा चाहिए, यह तो हम सब मानते हैं पर कितने लोंगो में यह मजबुत इरादा दिखता है । किस प्रकार से इस मजबुत इरादे को मैं मेंरे जीवन में खड़ा कर सकता हूँ? इसकी प्रकिया या प्रोसेस क्या है? कैसे???? हाउ?????

हम सबको पता है कि कामयाबी के लिए जिंदगी में करना क्या है । जैसे कि सकारत्मक रहे, खुदका दृष्टिकोन बदलें, आगे बढ़ने का प्रयास करें, लक्ष्य स्थापना करें, समय का प्रबंधन करें, खुदपर विश्वास करे, सातत्य रखे, आनंदी रहे, खुश रहे, उत्साही रहे, इ. याने कि जिंदगी में क्या करना है यह सब हमें सीखाते हैं और वे ही बातें हम दूसरों को सिखाते हैं । पर इससे कुछ भी तो नहीं होता । जिंदगी में क्या करना है सिर्फ यह समझ आने से कोई परिवर्तन नहीं आता, हमें वह किस प्रकार से करना है यह समझने से ही परिवर्तन आएँगा । क्या करना है इससे ज्यादा कैसे करना है यह महत्वपूर्ण है ।

 

अगर इस जहाँ में कुछ संभव है, तो उस संभव को किस प्रकार से संभव किया जा सकता है यह सीखना भी संभव है । - संदिप शिरसाट

एन.एल.पी. में हम ‘क्या?’ नहीं तो ‘कैसे?’ सीखते हैं । एन.एल.पी. में हम ब्रेन में होता क्या है? यह सीखते हैं । जैसे जब कोई मोटीवेट होता है, तो उसके दिमाग में क्या होता है? जब कोई निराशा से घिर जाते हैं, तो उस पल उसके दिमाग में होता क्या है, एन.एल.पी. हमें इसके बारे में सटीक जानकारी देता है ।

एन.एल.पी. में हम प्रोसेस् सीखते हैं । मजबुत इरादा क्या है? जब भी यह मजबुत इरादा खड़ा होता है तब हमारे दिमाग क्या घटता है? जो कुछ घटता है, उसे एन.एल.पी.में हम सीखते है । एक बार मजबुत इरादे की ‘दिमागी प्रकिया’ हमें समझ में आ जाएँ, तो हम यह मजबुत इरादा खुद में और दूसरों में भी खड़ा कर सकते हैं । एन.एल.पी. में इसे मॉडलिंग कहा जाता है । इसीलिए एन.एल.पी. अलग है, क्योंकि वह हमें ‘कैसे या How’ सिखाता है, जिससे हम खुद के जीवन को परावर्तित कर सकें ।

 

अगर आपको पता है कि किस प्रकार से दिमाग को चलाया जा सकता है, तो आप आपके दिमाग को एक दिशा दे सकते हो । और अगर आपने यह काम नहीं किया, तो कोई और करेगा ।

- रिचर्ड बॅन्डलर

 

साथ ही साथ एन.एल.पी. हमें ब्रेन कंडीशनिंग के टुलस् सिखाता है । सिर्फ लक्ष्य की स्थापना से कुछ नहीं होता, दुनिया में बहुत सारे लोग ऐसे है जिन्हे उनका लक्ष्य सालों से पता है, पर उन्होंने कभी एक्शन ही नहीं ली है । लक्ष्य की स्थापना के साथ लक्ष्य की कंडीशनिंग होना भी बेहद जरूरी है । लोग गोल सेटिंग करते हैं पर गोल कंडीशनिंग नहीं । हमारा लक्ष्य या सपना हमारे लिए इतना आकर्षक होना चाहिए कि उसके लिए कार्य किए बिना हमें चैन नहीं आना चाहिए । एक आकर्षक भविष्य का निर्माण होना चाहिए । उस आकर्षक भविष्य की हमारे दिलों दिमाग पर छाप पड़नी चाहिए । इसे कहते हैं कंडीशनिंग । एन.एल.पी. में हम कंडीशनिंग सीखते हैं, जिससे हमारे सपनें साकार हो सके और अगर हमारी निगेटिव्ह कंडीशनिंग हुई है, तो उससे हम निजाद पा सके । कंडीशनिंग के क्षेत्र में एन.एल.पी. को महारत हासील है । एन.एल.पी. में हम कंडीशनिंग के बहुत सारे जादुई और ताकदवर टूल्स् और तकनिक सीखते हैं ।

 

अगर आपको आपके जीवन में नए परिणाम लाने हैं, तो सबसे पहले आपको एक नई सोच लानी होगी । - रिचर्ड बॅन्डलर

 

साथ ही साथ एन.एल.पी. में हम अलग अलग पॅटर्नस् भी सीखते हैं । ये पॅटर्नस् हमें सोचने का एक अलग ढंग सिखाते हैं, या अलग ढंग से सोचना सिखाते हैं । जिससे हम अंतर्मन में चली गयी बूरी सूचनाएँ, हमारे भय, हमारे फोबिया, बूरी यादें, दुख, बूरे संबंध, जिंदगी के गलत फैसले और उनकी स्मृतियों से आजाद हो सकते हैं । साथ ही साथ हम हमारी सालों पूरानी नकारात्मक आदतें पलभर में बदल सकते हैं, अच्छे आरोग्य की प्राप्ति, नकारात्मक भावनाओं से छुटकारा और सकारात्मक भावनाओं का अंगिकार कर सकते हैं । सबसे महत्वपूर्ण हम जिंदगी का ज्यादा मजा लेने लगते हैं, प्यार करना, दूसरों से अच्छे संबध बनाना, बिना हिचकिचाहट बड़े फैसले करना, ज्यादा पैसे कमाना भी सीख सकते हैं ।   

कुछ नया सीखने के लिए अब अगले ब्लॉग में मिलते हैं,

तब तक के लिए ....

‘एन्जॉय यूवर लाईफ अॅन्ड लिव्ह विथ पॅशन !’

 

      - संदिप शिरसाट

( लेखक इंडियन बोर्ड ऑफ़ हिप्नोसिस अॅन्ड न्यूरो लिंगविस्टिक प्रोग्रॅमिंग के संस्थापक अध्यक्ष तथा एन.एल.पी. मास्टर ट्रेनर है ।)

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Summary:
NLP doesn’t teach us ‘What?’, it tells us ‘How?’, how to bring the desired change in our behaviour, how to produce specific results which make our life happier. How to attract success to us? How to condition our brain for success. NLP teaches us the modelling. In NLP Courses of Indian Board of Hypnosis & Neuro-Linguistic Programming, attendees learn the wide range of skills like conditioning, sensory acuity, rapport building, phobia removal, coaching, counselling etc. As an NLP practitioner, you literally start running your brain. NLP tools & techniques make it more concrete. Now it has become very easy to get NLP Training in Mumbai because Indian Board of Hypnosis & Neuro Linguistic Programming is offering real NLP stuff at very affordable price with the money back guarantee.
Sandip Shirsat NLP Blogger
Sandip Shirsat

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